Posted by Prabhat Ranjan on May 26, 2013 at 12:00 AM
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भूमिहार या बाभन अयाचक ब्राह्मण एक ऐसी सवर्ण जाति है जो अपने शौर्य, पराक्रम एवं बुद्धिमत्ता के लिये जानी जाती है। पश्चिचमी उत्तर प्रदेश एवं हरियाणा में निवासकरने वाले भूमिहार जाति अर्थात अयाचक ब्रहामणों को त्यागी नाम
की उप-जाति से जाना व पहचाना जाता हैं।मगध के महान पुष्य मित्रशुंग और कण्व वंश दोनों ही ब्राह्मण राजवंश भूमिहार ब्राह्मण (बाभन
के थे भूमिहार ब्राह्मण भगवन परशुराम को प्राचीन समयसे अपना मूल पुरुष और कुल गुरु मानते है
भूमिहार ब्राह्मण समाज में कुल १० उपाधिय है १-पाण्डेय 2-तिवारी/त्रिपाठी 3- मिश्र 4-शुक्ल5-यजी ६-करजी 7-उपाध्यय 8-शर्मा 9-ओझा 10-दुबे\द्विवेदी इसके अलावा राजपाट और ज़मींदारी के कारन एक बड़ा भाग भूमिहार ब्राह्मण
का राय ,शाही ,सिंह, उत्तर प्रदेश में और शाही , सिंह (सिन्हा
, चौधरी ,ठाकुर बिहार में लिखने लगा बहुत से भूमिहार या बाभन भी लिखते है
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